फारबिसगंज पुलिस का बड़ा अभियान: "सूखा नशा व शराब तस्करों की करें पहचान, समाज को बनाएं सुरक्षित"

दिनांक: 21 अप्रैल, 2026 | स्थान: फारबिसगंज, अररिया

फारबिसगंज: शहर में हालिया अपराधों और डबल मर्डर कांड के बाद अररिया पुलिस प्रशासन पूरी तरह 'एक्शन मोड' में है। एसपी जितेंद्र कुमार के नेतृत्व में फारबिसगंज और आसपास के ग्रामीण इलाकों में नशे के खिलाफ एक निर्णायक युद्ध का शंखनाद किया गया है। पुलिस ने आम जनता से सीधा आह्वान किया है कि वे अपने आस-पास छिपे सूखा नशा (स्मैक, ब्राउन शुगर) और अवैध शराब के तस्करों की पहचान करने में मदद करें।


मुख्य बातें: जनता और पुलिस का साझा प्रहार

  • गोपनीयता की गारंटी: एसपी ने स्पष्ट किया है कि सूचना देने वाले किसी भी नागरिक का नाम और पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी।
  • डबल मर्डर का असर: हाल ही में हुई हिंसक घटनाओं में 'नशे' का एंगल सामने आने के बाद पुलिस अब शहर से लेकर गांव तक सघन छापेमारी कर रही है।
  • जीरो टॉलरेंस नीति: लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों पर भी गाज गिरी है, जिससे साफ है कि प्रशासन इस बार कोई ढिलाई नहीं बरतेगा।

युवाओं को बचाने की मुहिम

एसडीपीओ मुकेश कुमार साहा के अनुसार, शराबबंदी के बाद क्षेत्र में स्मैक, नशीली टैबलेट और सिरप का प्रचलन बढ़ा है। इसे रोकने के लिए वार्ड स्तर पर निगरानी समितियां बनाई जा रही हैं। पुलिस का मानना है कि जब तक समाज तस्करों को संरक्षण देना बंद नहीं करेगा और उनकी पहचान उजागर नहीं होगी, तब तक पूर्ण नशामुक्ति संभव नहीं है।

"यह शहर आपका है, और इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी आपकी है। अगर आप जागरूक होकर पुलिस का साथ देंगे, तो फारबिसगंज शत-प्रतिशत नशामुक्त बनेगा।" - जितेंद्र कुमार, एसपी अररिया

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